कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में प्रवास के रुझान
अफ़्रीका
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से 21 लाख लोगों ने विदेश में जीवन बसाया। यह देश की आबादी का 1.9% है, जो 61 अलग-अलग देशों में फैले हैं
10.9 क॰
जनसंख्या
10.5 लाख
आप्रवासी
21 लाख
उत्प्रवासी
−10.5 लाख
प्रस्थान
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में जन्मे लोगों में से 1.9% अब विदेश में रहते हैं
दुनिया का #36 सबसे बड़ा उत्प्रवासी स्रोत
मुख्य गलियारे
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में सबसे बड़े प्रवास मार्ग
लोग कहाँ से आते हैं
अहम पल
1990 से प्रवास कैसे बदला
1990
6.6 लाख आप्रवासी · 3.9 लाख उत्प्रवासी
1995
- आगमन की लहर — विदेश में जन्मी आबादी 159% बढ़ी
- रवांडा ने अंगोला को पीछे छोड़कर नए आगमन का सबसे बड़ा स्रोत बना
- दुनिया के 20 सबसे बड़े आप्रवासन गंतव्यों में आया
- अफ़्रीका में 3 सबसे बड़े आप्रवासन गंतव्यों में आया
2000
- देश एक प्रस्थान-स्थल बन गया — जाने वालों की संख्या आने वालों से ज़्यादा
- तेज़ होता पलायन — विदेश में प्रवासी समुदाय 57% बढ़ा
- तंज़ानिया की ओर प्रस्थान की लहर — 90.5 हज़ार लोग गए
2005
- विदेश में प्रवासी समुदाय 10 लाख लोगों के पार पहुँचा
- बहिर्वाह गहराया — शुद्ध हानि दोगुनी होकर 6 लाख हुई
2010
- युगांडा की ओर प्रस्थान की लहर — 81.8 हज़ार लोग गए
- तंज़ानिया की ओर उत्प्रवासन तेज़ी से घटा — वहाँ 88 हज़ार कम प्रवासी
- दक्षिण सूडान एक अहम नया गंतव्य बना — 60.8 हज़ार निवासी वहाँ गए
2015
- रवांडा ने अंगोला को पीछे छोड़कर नए आगमन का सबसे बड़ा स्रोत बना
- युगांडा ने कांगो गणराज्य की जगह जाने वालों का मुख्य गंतव्य बना
- आगमन की लहर — विदेश में जन्मी आबादी 81% बढ़ी
- रवांडा से आप्रवासियों की लहर — 1.5 लाख नए आगमन
2020
- दक्षिण सूडान से आप्रवासियों की लहर — 82.4 हज़ार नए आगमन
आज
- विदेश में जन्मी आबादी 10 लाख निवासियों के पार पहुँची
- 1990 से: 3.8 लाख ज़्यादा विदेश में जन्मे निवासी और 17 लाख ज़्यादा विदेश में रहने वाले नागरिक